दुकानवाली भाभी को चोदा उसके घर पर

ये कहानी कुछ 15/20 दिन पुरानी है। मैं कुछ काम से अपने गांव गया था।वैसे तो ये भाभे मेरी दूर की भाभी लगती है जो एक किराना स्टोर चलाती है। दिन में भाभी और शाम से रात तक उसका पति दुकान संभालता है । वैसे तो मैं पहले से उसपर फिदा था पर कभी मौका नहीं मिला बात करने का और पटाने का।

इस बार सोच कर आया था कि ये मौका नहीं छोड़ना और भाभी पटाना ही है। पहले दिन ऐसे ही कुछ काम से गया तो बात खत्म हो गई। कब आये कौन आये वागेरे की ही बात कर पाया फिर पता चला दोपहर को कोई नहीं रहता। अगले दिन मैं दोपहर के समय पर गया तो देखा वो अपने मोबाइल में कुछ कर रही थी।

मैंने भी अपना स्मार्टफोन निकाल कर फेसबुक ओपन किया। फिर ऐसे ही घूमते हुए दुकान पर गया और कुछ सामान लिया। उसने देखा मैं फेसबुक चला रहा हूं। तो वो बोली, मुझे भी एक फेसबुक id बनाकर दो किसी दुसरे नाम से

तो मैंने उसके फोन पर उसका फेसबुक अकाउंट खोल दिया। और बातों बातों में मैंने उसका व्हाट्सएप नंबर ले लिया। मैने पूछा, “बात करोगी या सिर्फ नंबर दे दिया ऐसे ही?” वो स्माइल करके बोली, “टाइम मिलेगा तो कर लेगी।”

भाभी का नाम है रानी (बदला हुआ नाम) उम्र 35 साल करीब और 2 बच्चे हैं उसको। देखने में मैं सावली पर फिगर कड़क है अगले दिन सुबह उसको ‘गुड मॉर्निंग’ मैसेज किया और फटाक से रिप्लाई आया ‘गुड मॉर्निंग’, क्या कर रहे हो वगेरा।

ऐसे ही 2 दिन बात चलती रही और मैं उसकी तारीफ करता रह गया। । 2 दिन बाद ऐसे चैट करते मैंने कहा, “चाचा लकी है इतनी मस्त बीवी मिली है। और वो पूरा दिन खेतो में रहता है।”

वो बोली, “अब क्या करे? कौन समझाये उनको?” फिर मैं बोला कि, “चलो फिर उनकी कमी मैं पूरी कर दूंगा।” तो वो बोली, “चल हट, कुछ भी। मेरी उमर 35 है. क्या मिलेगा तुझे? कुछ भी बोलता है।” मैंने कहा, “एक बार आज़मा के देखो फिर पता चलेगा।”

वो बोली, “ठीक है, पर किसको पता नहीं चलना चाहिए।” तो मैंने कहा कि नहीं पता चलेगा. बोली में, “कल 1 बजे दोपहर को आ जाना मेरे घर पर। दुकान के पीछे सीधा अंदर आ जाना।” और मैं अगले दिन 1 बजे उसका घर चला गया।

जैसा ही मैं अंदर गया उसने दरवाजा बंद किया और बोली, “ज्यादा टाइम नहीं है। जल्दी करो दुकान बंद नहीं रख सकती ज्यादा देर।” और कपड़े उतार कर नंगी बिस्तर पर लेट गई और बोली, “ये लो कंडोम, इसको पहन के चोद लेना मुझे।” मैंने भी कपड़े निकाले और उसके बाजू में लेट गया।

फिर उसको स्मूच करने लगा और वो भी साथ देने लगी मेरा। साथ-साथ उसके स्तन भी मसलने लगे। वो कराहती कभी-कभी में निपल को खिचता तो ज़ोर से ‘आह’ करती है। फ़िर बोली चूसो इन्हे जल्दी. फिर एक-एक करके डोनो स्तन चुनें 20 मिनट। और वो बस मजे लेती रही।

फिर मैं उसकी चूत की तरफ गया तो देखा थोड़े बाल थे। बोली, “क्या करे, बहुत दिनों से तेरे चाचा ने ध्यान ही नहीं दिया।” मैं उसकी चुत चाटने लगा।वो बोली, ”क्या कर रहे हो ये?” मैंने बोला, “चुप चाप लेटी रहो ।” मैं उसका दाना चूसता रहा।

वो पगलो की तरह आवाज करती रही और गांड उठा उठा के चूत चुसवा रही थी। 15 मिनट बाद वो झड़ गई और ज़ोर से चिल्लाई। और फिर शांत पड़ी रही. वो बोली, “क्या मजा आया. शादी के इतने सालो बाद ऐसा मजा मिला है,” और मेरा लंड चुनने लगी।

मैं उसके बाल पकड़ कर उसका मुँह चोद रहा था और वह मजे से चुदवा रही थी। फ़िर वो बोली, “बस अब जल्दी चोदो मुझे, टाइम कम है।” और बिस्तर पर तांग फेला कर लेट गई। मुझे ऊपर खींचा और लंड को चूत पर सेट करके बोली, “मार धक्का।” मैंने एक ही झटके में पूरा 6 इंच का लंड अन्दर घुसा दिया।

वो ज़ोर से चिल्लाई और मैं रुक गया 2 मिनट। उसके आख से आसू आ रहे थे और बोली, “चल अब चालू कर।” और मैं धीरे-धीरे धक्के देने लगा। हर धक्के पर वो कराहती है। ये सुन कर मुझे भी जोश आता है. शादी शुदा औरत को चोदने का अलग ही मज़ा होता है दोस्तो।

15 मिनट तक चुत चोदने के बाद उसको मैंने डॉगी स्टाइल में लिया। और खड़े होके उसको बिस्तर पर करने लेने बोला। फ़िर पिछे से चूत में लंड डाला। वो बोली, “आराम से कर, दर्द हो रहा है।” फिर थोड़ी देर बाद उसके बाल पकड़े और ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत चोदने लगा ।

वो ज़ोर ज़ोर से विलाप करती रही और बेडशीट कस के अपने दोनों हाथों में पकड़ कर चुदवा रही थी। फ़िर बोली, “और तेज़ करो, होने वाला है मेरा। मजा आ रहा है। चोद और मुझे, पेल दे लंड पूरा।” मैं उसकी गांड पर चमात मारता रहा। वो और भी उत्साहित हो जाती और चिल्लाती।

20 मिनट बाद उसको बोला होने वाला है और बोली तेज़ चोद फ़िर। 10/12 धक्के के बाद मैं झड़ गया और उसके ऊपर लेट गया। वो मुझे किस करते हुए बोली, “मज़ा आया! और कितने दिन यहाँ हो?” मैंने कहा, “और 7/8 दिन हूं।” बोली, “रोज़ आया करो दोपहर को।”

मैंने कहा, “आऊंगा अगर गांड मारने दी तो।” बोली, “बस इतनी बात? कल आ जाना तुम्हारे लिए मेरी गांड भी निझावर करूंगी। बस टाइम कम है पता है ना?” और कपड़े पहन के लोगो के नज़र बचे के वाहा से घर चला आया और सो गया।

अगले दिन दोपहर को संदेश आया, “जल्दी आओ इंतज़ार कर रही हूं अपनी गांड मरवाने का।” मैं चला गया और वो आज भी नंगी ललेटी थी और बोली, “चल जल्दी वो तेल ले, और चोद दे मेरी गांड आज।” मैंने उसकी गांड पर तेल लगाया और लंड पर लगा लिया। वो पहले ही डॉगी स्टाइल में तैयार थी।

फिर मैंने धीरे-धीरे उसकी गांड में लंड घुसाने की कोशिश की। बड़ी मुश्किल से उसकी गांड में मेरे लंड का टोपा घुस गया। वो चिल्लाई, “दर्द हो रहा है।” उसको बोला, “रुको बाद में मजा आएगा।” फिर कैसे तो करके धीरे-धीरे लंड पूरा घुसा दिया और वो रोने लगी।

फिर 5 मिनट बाद उसकी कमर पकड़ कर गांड चोदने लगा। वो विलाप कर रही थी और यहाँ वहा मुँह घुमा रही थी दर्द के मारे। पहली बार लंड ले रहा थी गांड में। फिर उसके बाल पकड़ कर 20 मिनट, जोरदार उसकी गांड मारता रहा। पुरे रूम में चप चप की आवाज आ रही थी.

वो दिल खोल कर मजा ले रही थी और कराह रही थी। मैं भी मजे से गांड पेल रहा था और वो तो बस विलाप कर रही थी। फिर थोड़ी देर बाद उसकी गांड में ही झड़ गया और उसके बगल में लेट गया। उसने मुझे प्यार से थप्पड़ मारा और बोली, “ऐसे कोई चोदता है क्या? थोड़ा तो रहम करते।”

मैं बोला, “रहम करता तो इतना मजा कैसा आता?” वो शर्मा गई और बोली, “मज़ा तो आया पर दर्द हो रहा है बहुत।” मैंने कहा पेन किलर ले लो आराम मिल जाएगा और कपड़े पहन कर चला गया घर।

फिर ऐसे ही एक दिन चूत तो एक दिन गांड मारता रहा अगले 7 दिन तक। रात को उसका मैसेज आया, “चलने में तकलीफ़ हो रही है। तेरे गांड के चक्कर में हालत ख़राब हो गई है।”

मैंने सॉरी कहा और बोला होता है पहली बार ऐसे ही। फिर बोली जितने दिन हो जैसे चाहिए वैसे चोद लेना। और बोली, “एक और भाभी है जो चुदवाना चाहती है।” इसके बारे में मैं अगली कहानी मैं बताऊंगा

दोस्तों बाद में पता चला इसका पहला भी अफेयर चल रहा है। खेतो में चुदवाती थी इसलिए चाचा ने दुकान संभालने को बोला था। ताकि घर पर ही रहे और इसका फायेदा मुझे मिल गया। जाते जाते एक बार उसको चोदा उसके 2 घंटे बाद मेरी बस थी तो जाना पड़ा और वापस पुणे आ गया।

अभी भी रोज बातें होती हैं और रोज अपनी गांड, चूत, स्तन के फोटो भेजती हैं। उंगली करते हुए वीडियो भी भेजते हैं। दोस्तो ये 7 दिन उसको तो चोदा पर उसकी सहेली को भी 2 बार चुदाई का मौका मिल गया। इसका पार्ट अगले स्टोरी में लिखूंगा।